रोज़गार मेले में CM ने दिया नियुक्ति पत्र जॉइन करने गई तो लड़की को बना दिया कॉलगर्ल…

बिहार में रोजगार मेले के जरिए नौकरी पाने वाली एक युवती ने दिल्ली पहुंचने के बाद उसके साथ कथित शोषण किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि उसे 48 हजार रुपये महीने की ICU नर्स की नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला था, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद उसे अस्पताल में नौकरी देने के बजाय एक हॉस्टल में रखा गया। युवती ने आरोप लगाया है कि वहां लड़कियों को कथित तौर पर लड़कों के सामने पेश किया जाता था और विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता था। अब दिल्ली से किसी तरह पटना पहुंची युवती अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
मामला पटना में आयोजित मेगा रोजगार मेले से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। इसी मेले में पटना की रहने वाली पूजा कुमारी को ICU नर्स के पद पर करीब 48 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, 23 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों उन्हें नियुक्ति पत्र दिया गया था।
नौकरी की उम्मीद में पूजा ने अपनी पहले की नौकरी छोड़ दी और दिल्ली जाने की तैयारी की। उनका आरोप है कि 2 सितंबर को उन्हें दिल्ली बुलाया गया। लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें उस अस्पताल में नहीं ले जाया गया, जहां उन्हें ICU नर्स के रूप में काम करना था। इसके बजाय उन्हें एक हॉस्टल में ले जाया गया।
पूजा का दावा है कि जिस कंपनी के नाम पर उन्हें नौकरी का ऑफर मिला था, दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें दूसरी कंपनी के ठिकाने पर रखा गया। आरोप है कि वहां लड़के और लड़कियों को एक साथ रखा जाता था और उनकी आवाजाही पर भी नियंत्रण था। पूजा ने यह भी आरोप लगाया कि लड़कियों को वीडियो कॉल के जरिए लड़कों के सामने पेश किया जाता था और उनसे बात कराई जाती थी।
युवती के मुताबिक, उसने वहां मौजूद लोगों से लगातार कहा कि उसे नर्स की नौकरी करनी है और उसे अस्पताल में काम दिया जाए। लेकिन उसके आरोप के अनुसार, उसकी बात नहीं मानी गई। विरोध करने पर कथित तौर पर उसे कमरे में रखा गया, शौचालय साफ करवाया गया और खाना भी समय पर नहीं दिया गया। पूजा ने यह भी दावा किया है कि उसे आगे विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, पूजा करीब चार दिनों तक वहां रहने के बाद मौका मिलते ही वहां से निकलने में सफल हुई। बताया गया है कि 6 सितंबर को हॉस्टल की एक वरिष्ठ महिला के बाहर जाने के दौरान पूजा ने अपने पति से संपर्क किया और किसी तरह वहां से निकलकर पटना पहुंचीं।
पटना लौटने के बाद पूजा अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वह मुख्यमंत्री आवास भी पहुंचीं, लेकिन बिना पूर्व अनुमति के अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। अब वह पूरे मामले में कार्रवाई और अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की मांग कर रही हैं।
इस पूरे मामले ने रोजगार मेले के जरिए निजी कंपनियों में होने वाली भर्तियों और उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब किसी उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद दूसरे शहर में भेजा जाता है। ऐसे में कंपनी, नौकरी की जगह और नियुक्ति की वास्तविकता का सत्यापन कितना हुआ, यह जांच का अहम विषय हो सकता है।
हालांकि, पूजा कुमारी की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दिल्ली में उनके साथ वास्तव में क्या हुआ, उन्हें किस कंपनी या व्यक्ति के जरिए वहां ले जाया गया और रोजगार मेले में दी गई नौकरी से दिल्ली में बताई गई स्थिति का क्या संबंध था।
फिलहाल पूजा न्याय और कार्रवाई की मांग कर रही हैं और पूरे मामले में प्रशासनिक जांच का इंतजार है।